Wikipedia
खोज नतीजे
रविवार, 18 दिसंबर 2011
एक अकेला कँवल ताल में..!!
जन्म- 29नवंबर 1963 सालिचौका नरसिंहपुर म०प्र० में।
शिक्षा- एम० कॉम०, एल एल बी
छात्रसंघ मे विभिन्न पदों पर रहकर छात्रों के बीच सांस्कृतिक साहित्यिक आंदोलन को बढ़ावा मिला और वादविवाद प्रतियोगिताओं में सक्रियता व सफलता प्राप्त की। संस्कार शिक्षा के दौर मे सान्निध्य मिला स्व हरिशंकर परसाई, प्रो हनुमान वर्मा, प्रो हरिकृष्ण त्रिपाठी, प्रो अनिल जैन व प्रो अनिल धगट जैसे लोगों का। गीत कविता गद्य और कहानी विधाओं में लेखन तथा पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशन। म०प्र० लेखक संघ मिलन कहानीमंच से संबद्ध। मेलोडी ऑफ लाइफ़ का संपादन, नर्मदा अमृतवाणी, बावरे फ़कीरा, लाडो-मेरी-लाडो, (ऑडियो- कैसेट व सी डी), महिला सशक्तिकरण गीत लाड़ो पलकें झुकाना नहीं आडियो-विजुअल सीडी का प्रकाशन
सम्प्रति : संचालक, (सहायक-संचालक स्तर ) बालभवन जबलपुर
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
ad
कुल पेज दृश्य
-
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने भारत पर रूस से तेल खरीदने और यूक्रेन युद्ध को बढ़ावा देन...
-
بھارت-طالبان تعلقات: پاکستان کی بے چینی اور جنوبی ایشیا کی بدلتی ہوئی جغرافیائی سیاست (2025) (گریش بلوڑے مکل، آزاد مصنف و صحافی) 2021 میں طا...
-
हिन्द युग्म से साभार मेरे मन को प्रीत सिखाने ,आना उसका मुझे रिझाने कपड़े चूनर धनिया मिर्ची,छत पे लाना रोज़ सुखाने ! ******************...

bahut pyaari kshanika beautiful picture.
जवाब देंहटाएंaabhar
जवाब देंहटाएंVery very Nice post our team like it thanks for sharing
जवाब देंहटाएंएक अप्रतिम आवेग रिदम मूमेंटम है इस रचना में जो बहा के ले जाता है अपने संग .बधाई .
जवाब देंहटाएं