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गुरुवार, 14 जून 2012
मुकम्मल सी वो कुछ यादें :दीप्ति शर्मा
ताजमहल के शहर से मैं दीप्ति शर्मा , इंजिनियरिंग कर चुकी,
सूत्रों प्रयोगों से दूर मन सोच को स्पर्श करता है और सोच उँगलियों को रफ्तार देते हैं यही रफ्तार जिन्दगी को आगे बढ़ा रही है, और साथ में मुझे भी
बस यहाँ रहकर खुद की पहचान तलाश रही हूँ ।
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अनोखी बात अनोखी सोच बधाई
जवाब देंहटाएंमुकम्मल सी वो कुछ यादें
बातों के साथ छूट जाया करती हैं
बहुत खूब ..
जवाब देंहटाएंYaad Yaad Yaad Bas Yaad Reh Jati Hai. Very Nice and Great.
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